11 सीटों में से 5 के नतीजे घोषित, 6 पर मतगणना जारी; गोरखपुर और आगरा में मतगणना को लेकर विवाद के आरोप
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों के लिए हुई मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुरुआती पांच घोषित परिणामों में चार सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) को एक सीट पर सफलता मिली है। शेष छह सीटों पर मतगणना जारी रहने के कारण मुकाबले की पूरी तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है।
लाइव हिन्दुस्तान की 28 अक्टूबर की सुबह की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा ने मेरठ की शिक्षक और स्नातक सीटों के अलावा बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट तथा लखनऊ शिक्षक सीट पर जीत दर्ज की। वहीं, वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के लाल बिहारी यादव ने जीत हासिल की।
वाराणसी में सपा की जीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की शिक्षक निर्वाचन सीट पर सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा को पराजित किया। इस परिणाम को सपा के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
मेरठ और बरेली में भाजपा की जीत
मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के श्रीचंद शर्मा ने जीत दर्ज की, जबकि मेरठ स्नातक सीट पर भाजपा के दिनेश गोयल विजयी रहे। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने सपा प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर को 17,676 मतों के अंतर से हराया।
लखनऊ शिक्षक सीट पर भी भाजपा का कब्जा
लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी उमेश द्विवेदी लगातार तीसरी बार विजयी हुए। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें प्रथम वरीयता के 12,508 मत मिले और उन्होंने सपा प्रत्याशी सुशील कुमार को छह हजार से अधिक मतों से पराजित किया।
अन्य सीटों पर मुकाबला जारी
मतगणना के दौरान गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। सुबह की रिपोर्ट में भाजपा प्रत्याशी आगे बताए गए, हालांकि मतगणना को लेकर सपा और निर्दलीय प्रत्याशी की ओर से अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए।
आगरा में भी मतगणना केंद्र पर भाजपा और सपा प्रत्याशियों के बीच विवाद तथा मारपीट के आरोप सामने आए। इन आरोपों के संबंध में संबंधित पक्षों के दावों और प्रशासनिक कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
लखनऊ स्नातक, आगरा शिक्षक एवं स्नातक, झांसी-इलाहाबाद स्नातक और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक समेत कई सीटों पर मतगणना जारी थी। अलग-अलग चरणों में बढ़त बदलने के कारण अंतिम परिणामों की प्रतीक्षा बनी हुई है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अहम मुकाबला
राजनीतिक दृष्टि से इन एमएलसी चुनावों को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और सपा के संगठनात्मक प्रभाव की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के परिणामों को सीधे विधानसभा चुनाव का संकेत मानना उचित नहीं होगा, क्योंकि इन चुनावों का मतदाता वर्ग और चुनावी प्रक्रिया अलग है।
फिलहाल, घोषित परिणामों में भाजपा को बढ़त मिली है, जबकि वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा की जीत ने मुकाबले को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया है। शेष सीटों के अंतिम नतीजे आने के बाद ही चुनाव की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
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