सुजानगंज पुलिस ने 12 बोर की दो बंदूकें, 200 कारतूस, .22 बोर की राइफल, प्रतिबंधित 9 एमएम और .45 बोर की पिस्टल समेत 7.58 लाख रुपये नकद व 11 मोबाइल किए बरामद; गिरोह का नेटवर्क यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और दिल्ली तक फैला होने का दावा।
जौनपुर। सुजानगंज थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्करी गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कथित सरगना समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से दो 12 बोर की बंदूकें, 200 जिंदा कारतूस, एक .22 बोर की राइफल, एक प्रतिबंधित 9 एमएम पिस्टल, एक .45 बोर ग्लॉक पिस्टल, दोनों पिस्टलों के कुल 10 कारतूस, तस्करी के कारोबार से प्राप्त 7 लाख 58 हजार रुपये नकद और 11 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 को सुजानगंज थाना क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुरांवां नहर पुलिया के पास कुछ लोग अवैध असलहों और कारतूसों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने कथित तौर पर मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम सिंह उर्फ शिवा सिंह (30), निवासी जुड़ापुर थाना सरपतहां, जौनपुर; संतोष कुमार (34), निवासी छीतम पट्टी थाना सरपतहां, जौनपुर; सौरभ सिंह (35), अनीश सिंह और दिग्विजय सिंह (40), निवासी शहडोल, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है।
पुलिस का दावा है कि शुभम सिंह इस गिरोह का मुख्य संचालक है और उसके नेटवर्क के जरिए उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, दिल्ली समेत अन्य राज्यों में अवैध हथियारों और कारतूसों की आपूर्ति की जाती थी। पुलिस के मुताबिक, गिरोह अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त से आर्थिक लाभ कमाता था और विभिन्न राज्यों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए भी हथियारों की आपूर्ति किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस ने यह भी बताया कि वर्ष 2022 में बिहार के पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र में सोन नदी के अमनाबाद इलाके में अवैध बालू खनन और वर्चस्व को लेकर हुए गैंगवार के दौरान हथियारों की खरीद-फरोख्त और आपूर्ति में शुभम सिंह की भूमिका सामने आई थी। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ देश के विभिन्न थानों में अवैध असलहा और कारतूस तस्करी सहित अन्य मामलों के करीब डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
जांच के दौरान कानपुर स्थित हैरिस गन हाउस से कुछ हथियारों की आपूर्ति का कथित लिंक भी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार, गन हाउस के प्रोपराइटर अब्दुल्ला खान और गिरोह से जुड़े कुछ अन्य आरोपी अभी वांछित हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें प्रयास कर रही हैं। हालांकि, इस संबंध में जांच और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ सुजानगंज थाने में मुकदमा संख्या 364/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता और आयुध अधिनियम की संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की है। सभी आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह के दिशा-निर्देश और क्षेत्राधिकारी बदलापुर अजय कुमार राय के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष अमित कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में उपनिरीक्षक आनंद राय सहित सुजानगंज थाने के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस अधीक्षक ने गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली टीम को 20 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और हथियारों की आपूर्ति के नेटवर्क की जांच जारी है।
