(जौनपुर): खुटहन
क्षेत्र में लगातार हो रही बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कुदरत के इस दोहरे कहर से किसानों की महीनों की गाढ़ी मेहनत पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है। खेतों में कटकर पड़ी और पककर तैयार खड़ी धान की फसलों के भारी पैमाने पर बर्बाद होने की आशंका गहरा गई है।आसमान से बरस रही आफत के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है। तेज हवाओं के चलते जहां खड़ी फसलें जमीन पर गिरकर बर्बाद हो रही हैं, वहीं कटाई के बाद सुखाने के लिए खेत में रखी गई धान की फसलें पानी में डूब गई हैं। लगातार नमी और जलभराव के चलते कटी हुई बालियों में समय से पहले अंकुरण (जमाव) होने का भारी डर सता रहा है। अगर बालियों में दाने अंकुरित हो गए, तो धान की गुणवत्ता पूरी तरह खत्म हो जाएगी और वह किसी काम का नहीं रहेगा।मेहनत और लागत डूबती देख अन्नदाता बेहद हताश और निराश नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने खाद, बीज और सिंचाई में भारी लागत लगाई थी, लेकिन ऐन वक्त पर मौसम की मार ने निवाला छीन लिया। न सिर्फ अनाज, बल्कि पशुओं के चारे (पुआल) के भी सड़ने का संकट खड़ा हो गया है। परेशान किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि बर्बाद हुई फसलों का तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस आर्थिक तबाही से उबर सकें।
Jaunpur News बे मौसम बारिश और हवाओं से खुटहन क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त, खेतों में बिछी धान की फसलें
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October 30, 2026
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