जौनपुर में ECCE प्रशिक्षण संपन्न, तीन बैचों में 160 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
जौनपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्री-प्राइमरी शिक्षा और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शनिवार को शिया रजा डीएम इंटर कॉलेज के हॉल में संपन्न हुआ। 15 से 17 अक्टूबर 2026 तक चले इस प्रशिक्षण में तीन बैचों के माध्यम से कुल 160 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
समापन अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) समीर ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए प्रशिक्षण की उपयोगिता और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्री-प्राइमरी शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाना और बच्चों की शैक्षिक नींव मजबूत करना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए बाल वाटिकाओं को आदर्श स्वरूप में विकसित करने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
बीएसए समीर ने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था बच्चों के सर्वांगीण विकास की महत्वपूर्ण अवस्था है। इस दौरान बच्चों की आयु और रुचि के अनुरूप गतिविधियां, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुकूल सीखने का वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि बाल वाटिकाओं को बेहतर बनाने से बच्चों में सीखने की क्षमता विकसित करने और आगे की शिक्षा के लिए मजबूत आधार तैयार करने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण के दौरान डायट प्रवक्ता अमित कुमार, एसआरजी अजय कुमार मौर्य, एआरपी लइक अहमद और नोडल शिक्षक संकुल आलोक कुमार सिंह ने प्रशिक्षक के रूप में विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। प्रतिभागियों को प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को प्रभावी बनाने, बच्चों के अनुकूल शिक्षण गतिविधियां अपनाने और बाल वाटिकाओं के बेहतर संचालन से जुड़े पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया गया।
यह प्रशिक्षण डीसी ट्रेनिंग विशाल कुमार उपाध्याय और डीसी निपुण अश्वनी सिंह की देखरेख में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्री-प्राइमरी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और बाल वाटिकाओं को आदर्श स्वरूप में विकसित करने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षकों को आवश्यक जानकारी देना रहा।
