डा पीसी विश्वकर्मा की याद मे कवि गिरीश की श्रद्धांजलि

Jan vichar pravah
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जौनपुर। ---    मोहब्बत दिल में पैदा कर लिया क्या।। 
किसी का दर्द अपना कर लिया क्या।। 
"डाक्टर पी सी विश्वकर्मा "
साहित्यिक संस्था "कोशिश "जौनपुर के संरक्षक वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्वांचल विश्व विद्यालय के पूव डीन तिलक धारी महाविद्यालय में विधि विभाग के व्याख्याता आदरणीय डाक्टर पी सी विश्वकर्मा जी का आज सुबह लगभग पांच बजे सुबह निधन हो गया। जिससे पूरा जनपद शोकाकुल हो उठा। संस्था कोशिश क सभी साहित्यकार व जनपद के तमाम गणमान्य लोग उनके आवास पर पहुँच कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। 
श्रद्धांजलि देने वालों में कोशिश संस्था के पूर्व अध्यक्ष डाक्टर आर यन सिंह, राम जीत मिश्रा, अशोक मिश्रा, अनिल उपाध्याय, संजय सिंह, राजेश पान्डेय, मोनिस जौनपुरी, अंसार जौनपुरी, गिरीश कुमार श्रीवास्तव,  फूल चन्द भारतीय, इन्द्र भुवन सिंह, लोलारख दूवे ,राम कृष्ण त्रिपाठी ,जनार्दन अष्ठाना  व शहर के तमाम संभ्रान्त  नागरिकों न स्व विश्वकर्मा जी को भावभिनी श्रद्धांजलि भीगी आँखों से अर्पित किया। 
डाक्टर पी सी विश्वकर्मा जी पूर्वांचल के वरिष्ठ साहित्यकार थे उनकी कई पुस्तके प्रकाशित व पुरस्कृत हो चुकी है। 
डाक्टर पी सी विश्वकर्मा जी के निधन से साहित्य जगत व समाज की अपूर्णीय क्षति हुई है हम उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। 

 सुहाना दिन सुहानी रात अब नहीं होगी।। 
गै़र मुमकिन है उनसे बात अब नहीं होगी।। 
आखें तरसेंगी दीदार कर नहीं सकते-
आज के बाद मुलाकात अब नहीं होगी।।।
-----------गिरीश

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